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मंगलवार, 20 अक्टूबर · 10:11 पूर्वाह्न बजे अपडेट

बिहार में धान की सरकारी खरीद 1 नवंबर से, किसानों को पहले क्या करना होगा

उत्तर बिहार में 1 नवंबर और दक्षिण बिहार में 15 नवंबर से पैक्स धान खरीदेंगे। ₹2441 का भाव पाने के लिए एग्रीस्टैक आईडी और ई-सहकारी पोर्टल पर आवेदन ज़रूरी है।

काम की बात

  • कब: उत्तर बिहार में 1 नवंबर, दक्षिण बिहार में 15 नवंबर से खरीद
  • भाव: सामान्य धान ₹2441, ग्रेड-ए ₹2461 प्रति क्विंटल
  • क्या करें: एग्रीस्टैक आईडी बनवाएं, esahkari.bihar.gov.in पर आवेदन करें
  • भुगतान: मंत्री के मुताबिक बिक्री के 48 घंटे में खाते में

धान की कटाई शुरू होते ही बिहार के किसानों के सामने हर साल एक ही सवाल आता है: फसल अभी मंडी में बेचें या सरकारी खरीद का इंतज़ार करें। इस बार राज्य सरकार ने तारीखें तय कर दी हैं। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने 16 अक्टूबर को तैयारियों की समीक्षा के बाद बताया कि उत्तर बिहार में पैक्स और व्यापार मंडल 1 नवंबर से और दक्षिण बिहार में 15 नवंबर से धान खरीदेंगे (News24, Patna Press)।

₹2441 और ₹2461: पिछले साल से ₹72 ज़्यादा

सरकारी केंद्र पर सामान्य धान ₹2441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान ₹2461 प्रति क्विंटल पर बिकेगा। ये दरें केंद्र सरकार का न्यूनतम समर्थन मूल्य हैं, जिन्हें केंद्रीय कैबिनेट ने 13 मई को मंज़ूरी दी थी। पिछले खरीफ सीज़न में सामान्य धान का समर्थन मूल्य ₹2369 था, यानी किसान को इस बार हर क्विंटल पर ₹72 अधिक मिलेंगे, जो करीब 3% की बढ़ोतरी है (DT Next)।

हिसाब लगाएं तो 20 क्विंटल सामान्य धान बेचने वाले किसान को सरकारी दर पर ₹48,820 बनते हैं। मंत्री के मुताबिक बिक्री के 48 घंटे के भीतर रकम किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

एग्रीस्टैक आईडी के बिना पैक्स पर बिक्री अटक सकती है

इस साल की खरीद में सबसे बड़ा बदलाव पहचान की प्रक्रिया है। धान बेचने के लिए किसान को सहकारिता विभाग के पोर्टल esahkari.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, और सरकार सत्यापन के लिए एग्रीस्टैक के आंकड़ों का इस्तेमाल करेगी। मंत्री ने किसानों से एग्रीस्टैक आईडी पहले से बनवा लेने को कहा है। पैक्स और व्यापार मंडल के अध्यक्ष और प्रबंधक इसमें मदद करेंगे।

जिन किसानों की ज़मीन के कागज़ात अपडेट नहीं हैं या जिनकी एग्रीस्टैक आईडी अब तक नहीं बनी, उनके लिए अगले 10 से 25 दिन अहम हैं। उत्तर बिहार में खरीद शुरू होने में अब 12 दिन बचे हैं। अपने पैक्स कार्यालय में जाकर यह पूछना काम का रहेगा कि आपका गांव किस चरण में आता है, क्योंकि उपलब्ध रिपोर्टों में जिलेवार सूची नहीं दी गई है।

35 से 50 लाख टन का लक्ष्य, पर भंडारण केंद्र के भरोसे

इससे पहले 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में खरीद की तैयारी देखी थी। खबरगांव की रिपोर्ट के मुताबिक अभी खरीद का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन है और राज्य सरकार इसे 50 लाख मीट्रिक टन करने का प्रस्ताव रख रही है। इसके लिए राज्य केंद्र से अतिरिक्त कोटा और भंडारण की सुविधा मांगेगा। यानी लक्ष्य बढ़ेगा या नहीं, यह केंद्र की मंज़ूरी पर निर्भर है।

उसी बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी पैक्स और व्यापार मंडलों को सक्रिय करने, किसानों का पंजीकरण पहले से कराने और खरीद केंद्रों पर नमी मापने की मशीनें लगाने का निर्देश दिया, ताकि नमी के नाम पर किसानों को लौटाया न जाए। कटाई के तुरंत बाद धान में नमी ज़्यादा रहती है, इसलिए फसल सुखाकर केंद्र पर ले जाने से तौल के समय झंझट कम होगा।

स्रोत: News24, Patna Press, खबरगांव, DT Next

यह रिपोर्ट ऊपर लिंक किए गए सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर एआई की मदद से लिखी गई है। इसके हर तथ्य का मिलान कम से कम दो स्रोतों से किया गया है।